Friday, August 7, 2020

ऊबरसजेस्ट क्या होता है इसे ध्यान से समझे।।।

1). ऊबरसजेस्ट क्या है? 

Publise by Himanshu raj   Date=7 August 2020

ऊबरसजेस्ट दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल मार्केटरों में से एक नील पटेल द्वारा बनाया गया एक Free Keyword Research & SEO Tool है जिसकी मदद से आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग के लिए फ्री में Keyword Ideas, Content Ideas, Traffic और Site Audit जैसी चीजें generate कर सकते हैं।

2). ऊबरसजेस्ट को उपयोग कैसे करें 

1. Ubersuggest का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आपको ubersuggest.com या फिर neilpatel.com/ubersuggest पे चले जाना है।


2. इसके बाद आपको जो search bar दिखती है उसमें आपको अपना keyword (अगर आप कीवर्ड रिसर्च करना चाह रहे हों) या website (अगर आप site audit निकाल रहे हों) type कर देना है। 



3. इसके बाद आप right side में दिए हुए option के द्वारा अपनी country और language सिलेक्ट कर सकते हैं। इसके बाद आपको search पर क्लिक कर देना है। 


4. इसके बाद आपके सामने कई तरह की reports खुल जाती हैं। इन रिपोर्टों को आप left side में दिए गए ऑप्शनों के through access कर सकते हैं। 


5. इस left side section में आपको तीन तरह के tools  मिलते हैं-






अ. ऊबरसजेस्ट- इसमें आप keyword ideas और content ideas ढूंढ सकते हैं। 


ब. ट्रैफिक ऐनालाइज़र- इसमें आपको top pages और keywords मिल जाते हैं।

स. SEO ऐनालाइजर- इसमें आपको site audit और backlinks मिल जाते हैं। 


6. इसके अलावा, आप चाहें तो top right corner पर दिए हुए sign in with Google विकल्प की मदद से अपना ubersuggest account भी बना सकते हैं। 


7. साथ ही साथ आप इन रिपोर्टों को अपने डिवाइस पर export भी कर सकते हैं। 

3). ऊबरसजेस्ट के फीचर्स 


पैसों के खर्च के लिहाज से देखा जाए तो ubersuggest काफी शानदार SEO Tool है। यह कई तरह के बेहतरीन फीचरों से लैस है, जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए-


1. DASHBOARD- यहाँ पर आपको ऊबरसजेस्ट पर google id के द्वारा login करने का ऑप्शन मिल जाता है। 


2. KEYWORD IDEAS- यहाँ पर आपको अपने सर्च के मुताबिक keywords मिलते हैं। हर कीवर्ड के साथ उसपर आपने वाले traffic, CPC आदि की जानकारी भी मिलती है। 


3. CONTENT IDEAS- यहाँ पर आपको अपने content में क्या-क्या चीजें include करनी चाहिये ताकि वह गूगल में रैंक करे, इसके बारे में जानकारी मिलती है।

4. ऊबरसजेस्ट की कमियाँ 

ऊबरसजेस्ट एक अच्छा All-in-one SEO tool है। मगर इसकी कुछ कमियाँ हैं जो इसे बाकी premium seo tools जैसे- Semrush, Ahrefs के मुकाबले बहुत कमतर बनाती है। क्या है ऊबरसजेस्ट की कमियाँ चलिए जानते हैं-


1. Semrush और Ahrefs जैसी कंपनियां अपने users से हजारों रुपए charge करती हैं और फिर उस पैसे के कुछ भाग से अपने tool और database को और शानदार बनाती है। मगर Ubersuggest में ऐसा नहीं है। यह न तो एक कंपनी है और न ही एक बड़ा टूल। ये तो एक छोटा-सा SEO tool है जो नील पटेल ने अपने visitors को free में इस्तेमाल करने के लिए दिया है। इसलिए इसकी premium seo tools से तुलना करना बिल्कुल भी जायज नहीं होगा। 


2. ऊबरसजेस्ट का database पर्याप्त बड़ा नहीं है जिसके कारण यह कई popular keywords पर भी कम information दिखाता है। मगर नील और उनके साथी लगातार इसका डेटाबेस बढ़ा रहे हैं। 


3. ऊबरसजेस्ट में कई बार CPC और Traffic में abnormal stats देखने को मिलते हैं। कई बार किसी normal keyword पे भी cpc हजारों डालर्स में पहुँच जाता है। 


4. ऊबरसजेस्ट में अभी हिन्दी के साथ ही कई अन्य भाषाओं का पर्याप्त data मौजूद नहीं है।

Explain in simple way Share Market in Hindi You must be known

शेयर क्या होता हैं?

Publise by Himanshu raj   Date=7 August 2020
Share का मतलब होता हैं -“हिस्सा” और स्टॉक मार्केट की भाषा में “शेयर” का मतलब हैं – “कंपनियों में हिस्सा”| जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं तो कंपनी के हिस्सेदार बन जाते हैं|

शेयर मार्केट कैसे काम करता हैं?


  • लिस्टेड कम्पनियां
  • शेयर धारक
  • डिमांड और सप्लाई
  • मार्केट की परिस्थिति आदि|
  • कम्पनियां शेयर्स कैसे Issue करती हैं?

    सबसे पहले कंपनियां अपने शेयर्स की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करवाकर IPO (Initial Public Offering) लाती है और अपने शेयर्स स्वंय द्वारा निर्धारित किये हुए मूल्य पर Public को Issue करती हैं|
    एक बार IPO पूरा हो जाने के बाद Shares – Market में आ जाते हैं और स्टॉक एक्सचेंज और ब्रोकर्स के माध्यम से निवेशकों द्वारा आपस में ख़रीदे और बेचे जाते हैं|

    शेयर्स की Price कैसे बदलती हैं?

    IPO लाते समय शेयर्स की कीमत कंपनी तय करती हैं लेकिन एक बार आईपीओ पूरा हो जाने के बाद Shares का मूल्य मार्केट की Demand और Supply के आधार बदलता रहता है|
    यह डिमांड और सप्लाई कंपनियों द्वारा समय-समय पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर Change होती रहती है|
  • How to Invest in Share Market
    इसके लिए सबसे पहले आपको किसी Stock Broker के साथ Trading और Demat Account खोलना होता है।

    Demat Account क्या हैं?

    जिस तरह बैंक अकाउंट में रूपये जमा कर सकते हैं उसी तरह Demat Account में आपके निवेश से संबंधी सभी Securities जैसे Share, Bonds, Government Securities, Mutual Funds आदि को Electronic Form में Store किया जाता हैं|

    Trading Account क्या हैं?

    Trading Account का उपयोग आपके शेयर व्यवसाय में Share Sell and Purchase करने के काम आता है|
    यह Account आप किसी अच्छे Broker के पास खोल सकते हैं और ऑनलाइन सुविधा होने के कारण आप इस अकाउंट की सहायता से कभी भी शेयर्स खरीद और बेच सकते हैं।

    डीमेट अकाउंट कैसे खोले?

    ट्रेडिंग और डीमेट अकाउंट खोलने के लिये यह जरुरी है की आप Best Demat Account में ही अपना खाता खोले|
    इसके लिए आपको अपने बैंक से KYC करवाने की जरूरत होती है|
    एक प्रकार से यह खाता आपके फंडस को मेनेज करता है जिसमें शेयर्स और फंड यूनिट आदि की खरीद से संबन्धित सारी जानकारी होती है|
    इस Account को आप बैंक से उसी प्रकार खोल सकते हैं जैसे आप किसी बैंक से सामान्य खाता खोलते हैं|
    Demat और Trading Account खोलने के लिए आपको जिन डोक्यूमेंट्स की जरूरत होगी >>>
    1. PAN Card
    2. Address Proof
    3. Income Proof
    4. Cancel Cheque
    5. 2 Passport Size Photo
    इन सभी दस्तावेज़ों को जमा करते समय इस बात का ध्यान रखें इन सभी प्रमाण पत्रों में आपका नाम सही और स्पष्ट लिखा हो और एक ही तरीके से लिखा हो|
    इसके अलावा आप Account खुलवाते समय इन सभी Documents की Photostat Copy लगाते हैं|
    लेकिन अपने पास इनकी Original Copy भी रखें जो किसी भी समय वेरिफिकेशन के लिए मांगी जा सकती है|
    Demat Account या Trading Account को खोलते समय आप जिन कागजों पर हस्ताक्षर करते हैं उन पर लिखे गए नियमों और निर्देशों को आप ध्यान से पढ़ जरूर लें|
  • इन सभी नियमों को ध्यान में रखकर जब आप Stock Market में Invest करने का निर्णय ले लेते हैं तो आपका अगला कदम शेयर बाज़ार में निवेश प्रक्रिया को शुरू करना हो सकता है|

Thursday, August 6, 2020

Simple way to Explain Digital Marketing in Hindi[cool news]

डिजिटल मार्केटिंग का तात्पर्य क्या है? [Digital Marketing Kya Hai?]

Publise by Himanshu raj   Date=6 August 2020
 डिजिटल मार्केटिंग क्या है?
डिजिटल मार्केटिंग क्या है?
अपनी वस्तुएं और सेवाओं की डिजिटल साधनो से मार्केटिंग करने की प्रतिक्रिया को डिजिटल मार्केटिंग कहते है ।डिजिटल मार्केटिंग इंटरनेट के माध्यम से करते हैं । इंटरनेट, कंप्यूटर,  मोबाइल फ़ोन , लैपटॉप , website adertisements या किसी और applications द्वारा हम इससे जुड सकते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग क्यो आवश्यक है ? [Importance of Digital Marketing in Hindi]

 डिजिटल मार्केटिंग क्या है?
डिजिटल मार्केटिंग क्यो आवश्यक है ?
यह आधुनिकता का दौर है और इस आधुनिक समय में हर वस्तु में आधुनिककरन हुआ है। इसी क्रम में इंटरनेट भी इसी आधुनिकता का हिस्सा है जो जंगल की आग की तरह सभी जगह व्याप्त है। डिजिटल मार्केटिंग इंटरनेट के माध्यम से कार्य करने में सक्षम है।
आज का समाज समय अल्पता से जूझ रहा है, इसलिये डिजिटल मार्केटिंग आवश्यक हो गया है। हर व्यक्ति इंटरनेट से जुड़ा है वे इसका  उपयोग हर स्थान पर आसानी से कर सकता  है । अगर आप किसी से मिलने को कहो तो वे कहेगा मेरे पास समय नही है, परंतु सोशल साइट पर उसे आपसे बात करने में कोई समस्या नही होगी । इन्ही सब बातों को देखते हुए डिजिटल मार्केटिंग इस दौर में अपनी जगह बना रहा है ।
जनता अपनी सुविधा के अनुसार इंटरनेट के जरिये अपना मनपसंद व आवश्यक सामान आसानी से प्राप्त कर सकती है । अब बाज़ार जाने से लोग बचते हैं ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग बिज़नेस को अपने products और services लोगो तक पहुंचाने में मदद करती है। डिजिटल मार्केटिंग कम समय में एक ही वस्तु के कयी प्रकार दिखा सकता है और उप्भोक्ता को जो उपभोग पसंद है वे तुरंत उसे ले सकता है।  इस माध्यम से उपभोकता का बाज़ार जाना वस्तु पसंद करने, आने जाने में जो समय लगता है वो बच जाता है ।
ये वर्तमान काल में आवश्यक हो गया है । व्यापारी को भी व्यापार  में मदद मिल रही है। वो भी कम समय में अधिक लोगो से जुड़ सकता है और अपने उत्पाद की खूबियाँ उपभोक्ता तक पहुँचा सकता  है।

वर्तमान समय में डिजिटल मार्केटिंग की मांग – [Future of Digital Marketing in Hindi]

डिजिटल मार्केटिंग क्या है?
वर्तमान समय में डिजिटल मार्केटिंग की मांग|
परिवर्तन जीवन का नियम है , यह तो आप सब जानते ही हैं। पहले समय में और आज के जीवन में कितना बदलाव हुआ है और आज इंटरनेट का जमाना है । हर वर्ण के लोग आज इंटरनेट से जुड़े है,  इन्ही सब के कारण सभी लोगो को एक स्थान पर एकत्र कर पाना आसान है जो पहले समय में सम्भव नही था । इंटरनेट के जरिये हम सभी व्यवसायी और ग्राहक का तारतम्य स्थापित भी कर सकते हैं।
डिजिटल मार्केटिंग की मांग वर्तमान समय में बहुत प्रबल रुप में देखने को मिल रही है। व्यापारी जो अपना सामान बना रहा है , वो आसानी से ग्राहक तक पहुंचा रहा है।  इससे डिजिटल व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है ।
पहले विज्ञापनो का सहारा लेना पड़ रहा था। ग्राहक उसे देखता था, फिर पसंद करता था , फिर वह उसे खरीदता था। परंतु अब सीधा उपभोक्ता तक सामान भेजा जा सकता है । हर व्यक्ति गूगल, फेसबुक , यूट्यूब आदि उपयोग कर रहा है, जिसके द्वारा व्यापारी अपना उत्पाद-ग्राहक को दिखाता है । यह व्यापार सबकी पहुंच में है- व्यापारी व उपभोक्ता की भी।

डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार [Types of Digital Marketing]

डिजिटल मार्केटिंग क्या है?
डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार|
सबसे पहले तो आपको यह बता दे कि डिजिटल मार्केटिंग करने के लिये ‘इंटरनेट’ ही एक मात्र साधन है। इंटरनेट  पर ही हम अलग-अलग वेबसाइट के द्वारा डिजिटल मार्केटिंग कर सकते हैं । इसके कुछ प्रकार के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं –

(i) सर्च इंजन औप्टीमाइज़ेषन या SEO

यह एक ऐसा तकनीकी माध्यम है जो आपकी वेबसाइट को सर्च इंजन के परिणाम पर सबसे ऊपर जगह दिलाता है जिससे दर्शकों की संख्या में बड़ोतरी होती है। इसके लिए हमें अपनी वेबसाइट को कीवर्ड और SEO guidelines के अनुसार बनाना होता है।

(ii) सोशल मीडिया (Social Media)

सोशल मीडिया कई वेबसाइट से मिलकर बना है – जैसे Facebook, Twitter, Instagram, LinkedIn, आदि । सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्ति अपने विचार हजारों लोगों के सामने रख सकता है । आप भली प्रकार सोशल मीडिया के बारे में जानते है । जब हम ये साइट देखते हैं तो इस पर कुछ-कुछ अन्तराल पर हमे विज्ञापन दिखते हैं यह विज्ञापन के लिये कारगार व असरदार जरिया है।

(iii) ईमेल मार्केटिंग (Email Marketing)

किसी भी कंपनी द्वारा अपने उत्पादों को ई-मेल के द्वारा पहुंचाना ई-मेल मार्केटिंग है। ईमेल मार्केटिंग हर प्रकार से हर कंपनी के लिये आवश्यक है क्योकी कोई भी कंपनी नये प्रस्ताव और छूट ग्राहको के लिये समयानुसार देती हैं जिसके लिए ईमेल मार्केटिंग एक सुगम रास्ता है।

(iv) यूट्यूब चेनल (YouTube Channel)

सोशल मीडिया का ऐसा माध्यम है जिसमे उत्पादक अपने उत्पादों को लोगों के समक्ष प्रत्यक्ष रुप से पहुंचाना है। लोग इस पर अपनी प्रतिक्रया भी व्यक्त कर सकते हैं। ये वो माध्यम है जहां बहुत से लोगो की भीड़ रह्ती है या यूं कह लिजिये की बड़ी सन्ख्या में users/viewers यूट्यूब पर रह्ते हैं।  ये अपने उत्पाद को लोगों के समक्ष वीडियो बना कर दिखाने का सुलभ व लोकप्रिय माध्यम है।

(v) अफिलिएट मार्केटिंग (Affiliate Marketing)

वेबसाइट, ब्लोग या लिंक के माध्यम से उत्पादनों के विज्ञापन करने से जो मेहनताना मिलता है, इसे ही अफिलिएट मार्केटिंग कहा जाता है। इसके अन्तर्गत आप अपना लिंक बनाते हैं और अपना उत्पाद उस लिंक पर डालते है । जब ग्राहक उस लिंक को दबाकर आपका उत्पाद खरीदता है तो आपको उस पर मेहन्ताना मिलता है।

(vi) पे पर क्लिक ऐडवर्टाइज़िंग या PPC marketing

जिस विज्ञापन को देखने के लिए आपको भुगतान करना पड़ता है उसे ही पे पर क्लिक ऐडवर्टीजमेंट कहा जाता है। जैसा की इसके नाम से विदित हो रहा है की इस पर क्लिक करते ही पैसे कटते हैं । यह हर प्रकार के विज्ञापन के लिये है ।यह विज्ञापन बीच में आते रह्ते हैं। अगर इन विज्ञापनो को कोई देखता है तो पैसे कटते हैं । यह भी डिजिटल मार्केटिंग का एक प्रकार है।

(vii) एप्स मार्केटिंग (Apps Marketing)

इंटरनेट पर अलग-अलग ऐप्स बनाकर लोगों तक पहुंचाने और उस पर अपने उत्पाद का प्रचार करने को ऐप्स मार्केटिंग कहते हैं । यह डिजिटल मार्केटिंग का बहुत ही उत्तम रस्ता है। आजकल बड़ी संख्या में लोग स्मार्ट फ़ोन का उपयोग कर रहे हैं । बड़ी-बड़ी कंपनी अपने एप्स बनाती हैं और एप्स को लोगों तक पहुंचाती है।

Sunday, August 2, 2020

How to Strong relationship in Hindi [cool tips]

How to Strong relationship

1. साथ में ज्यादा समय व्यतीत करें 

How to Have a Better Relation And Get Relationship Advice Tips In Hindi© Shutterstock
अपने पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। ऐसा करने से आप दोनों के बीच मनमुटाव दूर होगा और आप एक दूसरे को अच्छे से समझ भी पाएंगे। 
ज्यादा समय देने से आप अपने पार्टनर की अधिक देखभाल कर सकते हैं, जिससे आपके बीच की बॉडिंग भी मजबूत हो जाती है। आप साथ में कार्ड्स खेलें, बाहर घूमने जाएं, नई-नई चीजों को ट्राई करें, एक-दूसरे की मदद करें। 
कुछ ऐसा करें, जो आप दोनों को ही पसंद हो और आप दोनों ही उसे करने में बराबर की खुशी महसूस करते हों। साथ ही ऐसी चीजों को अवॉइड करें, जिससे आप दोनों में टेंशन बढ़ती है।

2. एक दूसरे को स्पेस दें

कभी-कभी कुछ परिस्थितियां ऐसी हो जाती हैं जिनमें केवल आप खुद को समझ सकते हैं। उस वक्त अकेले रहने का मन होता है। ऐसे में आप अपने पार्टनर को समय दें। उन्हें उनकी लाइफ जीने दें और आप भी अपनी जिंदगी को थोड़ा समझें। 
अगर एक-दूसरे की लाइफ में आप ज्यादा दखल देंगे, तो इससे आपको अपना रिश्ता बोझ लगने लगेगा। अगर आपकी पार्टनर अपने दोस्तों के साथ हैंग-आउट करना चाहती है, तो उन्हें रोके-टोके नहीं। दोस्तों के साथ समय बिताना हम सबको अच्छा लगता है। 
वो आपसे प्यार करती हैं, तो इसका मतलब ये नहीं कि उनके लिए दोस्त मायने नहीं रखते। इसलिए रिश्तों में स्पेस देना बहुत जरूरी है।

3. भरोसा करें

How to Have a Better Relation And Get Relationship Advice Tips In Hindi© Shutterstock
किसी भी रिश्ते में जितनी प्यार की जरुरत होती है, उतना ही भरोसा भी होना चाहिए। अगर आपके रिश्ते में शक नाम की चीज आ जाएगी, तो वो आपके रिश्ते को दीमक की तरह खा जाएगी। खासकर कि लॉन्ग-डिस्टेन्स रिलेशन में। 
एक-दूसरे पर भरोसा होना बहुत जरूरी होता है। वरना आपका रिश्ता बहुत ही मुश्किल में पड़ सकता है। प्यार अगर कम भी हो तो रिश्ते निभाए जा सकते हैं, लेकिन अगर भरोसा न हो तो रिश्तों को टूटने में ज्यादा समय नहीं लगता। 
ऐसा कहा भी जाता है कि रिश्ते एक धागे की तरह होते हैं, अगर आप उसे ज़्यादा खीचेंगे तो उन्हें टूटने से कोई नहीं रोक सकता। इसलिए अगर आप अपने रिश्ते में मजबूती चाहते हैं, तो रिश्ते की डोर में थोड़ी ढ़ील तो देनी ही होगी।

4. लगाव होना भी है जरूरी

आप अपने साथी को कितना चाहते हैं, ये उसे कैसे पता चले? आप उनसे प्यार करते हैं, ये उन्हें बताना भी जरूरी है। 
कहते हैं कि प्यार की कोई भाषा नहीं होती है, लेकिन कभी-कभी शब्दों में इसे बयां करना जरुरी हो जाता है, इसलिए उनसे अपना लगाव बढ़ाएं। 
सेक्स और लगाव दो अलग-अलग चीजें होती हैं। बेडरूम के बाहर भी अपने पार्टनर के लिये आपको प्यार जताने की जरुरत है।

5. एक दूसरे की बातें सुने

How to Have a Better Relation And Get Relationship Advice Tips In Hindiकिसी भी मुद्दे पर बहस करने की बजाय एक-दूसरे की बातों को ध्यान से सुनें और समझें। बहस करने से किसी भी बात का हल तो निकलना नहीं है और आप बेवजह की लड़ाई करके बात को और बिगाड़ देंगे। इसलिए एक-दूसरे की बातों को समझकर अपना पक्ष रखें। 
अगर आप सही हैं, तो आपका साथी आपकी बात जरूर समझेगा। ऐसा करने से आपकी आपसी समझ अच्छी होगी। बस उन्हें समझने के लिए थोड़ा वक्त दें

Amazing Facts about Raksha Bandhan in Hindi [cool news]

Amazing Facts about Raksha Bandhan

Rakshabandhan 

Rakshabandhan भाई - बहन का त्यौहार रक्षाबंधन
    भाई – बहन का त्यौहार रक्षाबंधन
1. रक्षा बंधन हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है।
2. इसे ‘राखी’ का त्यौहार भी कहते हैं। 
3. यह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। 
4. रक्षा बंधन सावन का आखिरी दिन होता है, इसी कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते हैं। 
5. यह सम्पूर्ण भारतवर्ष में अत्यंत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
6. रक्षा बंधन हमारे देश भारत के अलावा नेपाल और मॉरिशस में भी मनाया जाता है। 
7. भाई–बहन का त्यौहार रक्षा बंधन बहुत ही पवित्र त्यौहार है। जो एक भाई और बहन को आपस में जोड़ कर रखता है और उनमें हमेशा प्यार कायम रखता है। 
8. रक्षा बंधन एक ऐसा त्यौहार है जो सिर्फ भाई और बहन का त्यौहार माना जाता है। 
9. रक्षा बंधन केवल एक त्यौहार नहीं बल्कि हमारी परंपराओं का प्रतीक है। हमारे देश में इसका बड़ा महत्त्व है। 
10. रक्षा बंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं एवं भाइयों के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित करती हैं।

Saturday, August 1, 2020

स्वतंत्रता दिवस 2020 Amazing fact in hindi[cool news]

Amazing Facts about Independence Day
vendors displays national flag for sale ahead of independence day celebrations
1 भारत के स्वाधीनता आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था। लेकिन जब देश को 15 अगस्त, 1947 को आजादी मिली, तो वे इसके जश्न में शामिल नहीं हुए थे।

2. महात्मा गांधी उस दिन दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वे हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे।
 
3. जब तय हो गया कि भारत को आजाद होगा, तो जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल ने महात्मा गांधी को एक पत्र भेजा। इस पत्र में लिखा था, '15 अगस्त हमारा पहला स्वाधीनता दिवस होगा। आप राष्ट्रपिता हैं, इसमें शामिल हो अपना आशीर्वाद दें।'
 
4. गांधीजी ने इस पत्र का जवाब भिजवाया, 'जब कलकत्ता में हिंदु-मुस्लिम एक दूसरे की जान ले रहे हैं, ऐसे में मैं जश्न मनाने के लिए कैसे आ सकता हूं। मैं दंगा रोकने के लिए अपनी जान दे दूंगा।'

5. जवाहर लाल नेहरू ने ऐतिहासिक भाषण 'ट्रिस्ट विद डेस्टनी' 14 अगस्त की मध्यरात्रि को वायसराय लॉज (मौजूदा राष्ट्रपति भवन) से दिया गया था।  
6. तब नेहरू प्रधानमंत्री नहीं बने थे। इस भाषण को पूरी दुनिया ने सुना, लेकिन गांधी उस दिन नौ बजे सोने चले गए थे।
7. 15 अगस्त, 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने अपने कार्यालय में काम किया। दोपहर में नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल की सूची सौंपी और बाद में इंडिया गेट के पास प्रिसेंज गार्डन में एक सभा को संबोधित किया।
8. हर पर भारतीय प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं, लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था।
10. 15 अगस्त तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हुआ था। इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ जोकि भारत और पाकिस्तान की सीमाअओं को निर्धारित करती थी। 
10 . भारत 15 अगस्त को आजाद जरूर हो गया लेकिन उस समय उसका अपना कोई राष्ट्र गान नहीं था। हालांकि रवींद्रनाथ टैगोर 'जन-गण-मन' 1911 में ही लिख चुके थे, लेकिन यह राष्ट्रगान 1950 में ही बन पाया। 

11 15 अगस्त तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हुआ था। इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ जोकि भारत और पाकिस्तान की सीमाअओं को निर्धारित करती थी। 

ऊबरसजेस्ट क्या होता है इसे ध्यान से समझे।।।

1). ऊबरसजेस्ट  क्या है?   Publise by Himanshu raj   Date=7 August 2020 ऊबरसजेस्ट दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल मार्केटरों में से एक  नील...